Wednesday, May 17, 2017

NADI SHASTRA

ज्योतिष शास्त्र मे नाड़ी का अर्थ समय का एक मात्रा नाम है।जो की आधे मुहूर्त के बराबर होती हैं।जिस प्रकार होरा (काल) अर्थात् दिन-रात का सूचक माना जाता हैं।नाड़ी शब्द भी समय वाचक हैं।नाड़ी शास्त्र दक्षिण भारत मे अधिक प्रचलित हैं।नाड़ी ग्रन्थ मनुष्य के जीवन की समस्त जीवन की घटनाओं का वर्णन करनेवाला ग्रन्थ हैं।
नाड़ी शास्त्र की विशेषता :-
उत्तरी भारत मे भृगु संहिता, अरूण संहिता, रावण संहिता आदि प्रसिद्ध ग्रन्थ हैं। इन ग्रन्थों मे भविष्य और भूतकाल मे उत्पन्न होने वाली मनुष्य की सभी बातों का ज्ञान वृत्तान्त का विस्तृत लिखा है।
दक्षिण भारत मे नाड़ी शास्त्र मे नन्दी नाड़ी, शुक्र नाड़ी, भुजंदर नाड़ी, सप्तऋषि नाड़ी आदि ग्रन्थ हैं जिसमें मनुष्य जीवन का भूत औऱ भविष्य काल का विस्तृत ज्ञान मिलता हैं।
चन्द्र नाड़ी :- इस नाड़ी को जन्म नाड़ी के रुप मे भी जाना जाता हैं।इसमे मनुष्य के सभी रिश्ते जैसे कि मां, पिता, भाई-बहन, मामा,सुसराल पक्ष के विषय मे जानकारी मिलती हैं।इसके साथ अंशों का पूरण ज्ञान मिलताहै।इन नाड़ी अंशों की संख्या 150 हैं।इन की गिनती इस प्रकार की जाती हैं:-
 यदि चर राशि का लगन हो तो इसकी गणना  1.वसुधा,2.वैष्णवी, 3.ब़ाह्मी,4 कालकूटादि,5.शांकरी,   6.सुधाकरी,7.समा,8.सौम्या, 9.सुरा,10.माया, 11.मनोहरा,12.माधवी,13.धारा, 14.मालिनी, 15.मञ्जुसवना16.कुभिमनी,17.कुटिला,18.जगती,19.प्रभा,20.परा,21.पयस्विनी,22.जर्जरा,23.ध्रुवा,24.     .मुसला,25.मुद्गगरा26.पाशा, 27.चमपका,28.दामा,29.मही,30.कलुषा,31.कमला,32.कान्ता, 33.कालिका,34.करिटरा,35.क्षमा,36.दुधररा,37.दुरभगा,38.विशवा,39.विकटा,40.कला ,41.भूपा,42.नदी, 43.निर्मला,44.विशीर्णा,45.अबला,46.विभ्रमा, 47.सुरसुन्दरी,48.सुखदा,49.सिनगधा,50.सोदरा,51.अबला52.अमृत पलाविनी 53.कामधुक्54.करवारिणी 55.गहहरा56.कुनदिनी 57.रौद्रारा58.विषाखया59.विषनाशिनी 60.निर्मदा 61.शीतला 62.निम्ना 63.प्रीता 64.प्रियवधरनी 65.मानघना 66.दुभर्गा 67.चित्रा 68.चित्रिणी 69.चिरंजीवीनी 70.गदहरा71.नाला 72.नलिनी 73.सुधामृतांशुकलिका74.कुलषांकुरा 75.महामारी

                                                               
सुधा
     .                            

Tuesday, May 16, 2017

प्रसिद्ध समृतियाँ

कुछ प्रसिद्ध समृतियाँ जिनका उल्लेख इस प्रकार हैं। 1.मनुस्मृति2.वृद्वमनुसमृति 3.याज्ञवलक्य समृति 4.वृद्वयाज्ञवलकयसमृति 5अत्रिसमृति 6.विष्णु समृति 7.बृहद् विष्णु समृति 8.हारीतसमृति 9.लघु हारीतसमृति 10.औशनससमृति 11.आंगिरससमृति 12.यमसमृति 13.बृहद् यमसमृति 14.आपस्तम्ब समृति 15.संवर्तसमृति 16.कात्यायनसमृति 17.पराशर समृति 18.बृहसपयतिसमृति 19.बृहद् पराशरीय धर्म शास्त्र 20.व्याससमृति21.शंख समृति 22.लघुशंख समृति 23.लिखित समृति 24.शंख-लिखित समृति 25.दक्षसमृति 26.गौतमसमृति 27.शातातपसमृति 28.दूसरी शातातपसमृति 29.वृद्वशातातप समृति 30.वसिष्ठ समृति 31.वृद्व वसिष्ठ समृति 32.प्रजा पति समृति 33.देवलसमृति 34.नारदसमृति 35.

Thursday, May 4, 2017

SHADI ME SHIV KRIPA

जब भगवान शिव अपनी कृपा प्रत्यक्ष रूप से बरसाते है। वह  नजारा ही बडा अदुभूत होता हैं। कई वर्ष पूर्व कि बात है कि एक सज्जन भगवान शिव के परम भक्त थे। उनकी पुत्री का विवाह निश्चित हुआ था। लडके वालों ने उनसे इतना धन  की मांग की जो उस सज्जन की समर्थ से बाहर था।
        शादी वैशाख मास मे तय हो गई । उस मनुष्य ने अपना जीवन का प्रत्येक कार्य भगवान शिव को समर्पित करता था।     उसने तिलक के रूप बहुत बड़ी रकम अदा की थी , सारी तैयारी बड़ी लग्न से की थी | शादी का दिन आ गया, सब तैयारी कर ली थी ,उसके पास बैड -बाजे के पैसे नहीं थे अब वह चिन्ता करने लगा क्या होगा, बरात आने वाली है, तब भगवान शिव मन्दिर गया और भगवान के शिव लिंग सिर रख कर रोना शुरू कर दिया |उसने भगवान से प्रार्थना कि आपने इतना सब किया है क्या एक बाजे का प्रबन्ध नहीं कर सकते हो |
उधर से बरात ने गॉँव में प्रवेश किया बैड -बाजे के साथ
स्वागत के उस सज्जन को ढूढ़ना शुरू कर दिया | गांव वालो ने सोचा कि वह सज्जन मन्दिर में मिलेंगे | लोगों वहाँ जा कहा कि बरात  आई गई है तुम चलो, उसने कहाँ की बाजे का प्रबन्ध नहीं हुआ है |
अब क्या मुँह दिखाऊँ ?
तब उसको उत्तर मिला बाजा तो बज रहा है | अब किस बात की चिन्ता कर रहे हो | शायद बरात वाले बजा लेकर आये हो | शादी बड़ी अच्छी प्रकार से सम्पन हो गई थी | भोजन के समय हो गया और सारी बरात वालों ने भोजन कर लिया, केवल बाजे वाले शेष रह गये | बाजे वाले कहि दिखाई दिये, बाद वर के से पुछा की बाजे वाले कहा है | उन्होने ने कहा कि वह आपके के आदमी थे

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Justice in the world

It is a matter of time that after the very prayer of an elderly couple, their son's family lineage increased. Children were born as a so...